-
सूबेदार मेजर रामजी मालोजी सकपाल (14 नवम्बर, 1843 – 02 फरवरी, 1913)
जिनका बेटा(डाॅo अम्बेडकर) “विश्वरत्न” है।🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 बोधिसत्व बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर जी के पिताजी सूबेदार मेजर रामजी मालोजी सकपाल जी का जन्म 14 नवम्बर, 1843 कोअम्बावाड़े (महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले) में हुआ था । उनके पिताजी अर्थात बाबा साहब के दादा मालोजी सकपाल जी ईस्ट इंडिया कंपनी की बम्बई सेना के हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए…
-
“प्रबुद्ध भारत” समाचार-पत्र (04 फरवरी, 1956)
“प्रबुद्ध भारत”-समाचार-पत्र अर्थात “नए भारत का निर्माण”-बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की बृहद सोंच वाले नव-राष्ट्र निर्माण का, सशक्त दस्तावेजबाबा साहब के अंतिम समाचार-पत्र ‘प्रबुद्ध भारत’ का पहला अंक आज ही के दिन 04 फरवरी, 1956 को प्रकाशित हुआ, जबकि बाबा साहब द्वारा ‘मूकनायक’ समाचार-पत्र का पहला अंक 31 जनवरी, 1920 को निकाला गया…
-
“हिंदू कोड बिल” – संसद में पहली बार (05 फरवरी, 1950)
आज ही के दिन 05 फरवरी, 1950 को बाबा साहब का, हिंदू कोड बिल संसद में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी द्वारा पहली बार प्रस्तुत किया गया था। उस समय संसद से लेकर सड़क तक इस बिल का विरोध किया जा रहा था। तब इस बिल के कारण अकेले बाबा साहब को बहुत सारी…
-
नानकचंद रत्तू जी (06 फरवरी, 1922 – 15 सितंबर, 2002)
संविधान निर्माता, भारत रत्न, बोधिसत्व बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के करीबी विश्वस्त सहायक नानकचंद रत्तू जी का जन्म आज ही के दिन 06 फरवरी, 1922 को पंजाब प्रांत के होशियारपुर जिले के सकरुली गांव में बहुजन परिवार में हुआ था। उन्हें बाबा साहब का सबसे निकटतम और निष्ठावान निजी सचिव के रुप में…
-
महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ जी (11 मार्च, 1863 – 06 फरवरी, 1939)
बड़ौदा के महाराज मल्हार राव गायकवाड़ जी की नि:संतान मृत्यु के बाद उनकी जीवन संगिनी महारानी जमुना बाई जी ने गोपाल राव जी को 27 मई, 1875 को गोद ले लिया और उनका नाम रखा सयाजीराव गायकवाड़। महारानी ने अपने दत्तक पुत्र का राज्याभिषेक 18 वर्ष की आयु में 28 नवंबर,1881 को कराया था। मानवता…
-
पेरियार ललई सिंह यादव जी (01 सितंबर, 1921 – 07 फ़रवरी, 1993)
महान क्रांतिकारी, निडर लेखक, समाज सुधारक, उत्तर भारत के पेरियार ललई सिंह यादव जी का जन्म 01 सितम्बर, 1911 को गाँव कठारा, जिला कानपुर देहात के एक समाज सुधारक सामान्य कृषक परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम ‘लल्ला’ था, जो बाद में लल्ला से ‘ललई’ हुए। पिता गुज्जू सिंह यादव जी एक कर्मठ…
-
माता रमाबाई भीमराव अम्बेडकर जी (07 फरवरी, 1898 – 27 मई, 1935)
प्रत्येक महान पुरुष के पीछे उनकी जीवन-संगिनी का भी बहुत बड़ा हाथ होता है। जीवन साथी का त्याग और सहयोग अगर न हो, तो व्यक्ति का महापुरुष बनना इतना आसान नहीं रह जाता है। माता रमाबाई अम्बेडकर जी इसी त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति थीं, जिनके कारण ही बाबा साहब देश के वंचित तबके का…
-
वास्तविक रूप में “भारत का संविधान” महापुरुषों की मानवतावादी विचारधारा का सार है
आजकल हम भारत के लोग कहते रहते हैं कि – संविधान खतरे में है…. तो फिर.संविधान को खतरे से बाहर निकालने के लिए मुझे-आपको व्यक्तिगत तौर पर क्या करना होगा? और संविधान को खतरे से बाहर निकालने के लिए मैं सामूहिक तौर पर क्या कर सकता हूं………..? हम भारत के लोग अक्सर कहते रहते हैं…
-
नारायण मेघाजी लोखंडे जी, (1848, – 09 फरवरी, 1897)
महामना ज्योतिबा फूले जी के प्रमुख सहयोगी नारायण मेघाजी लोखंडे जी का जन्म पुणे जिले के कन्हेरसर में एक बहुजन परिवार (माली जाति) में वर्ष 1848 में हुआ था। उन्होंने हाई स्कूल तक शिक्षा प्राप्त की थी। उनकी पत्नी का नाम गोपिकाबाई था और उनका गोपीनाथ नाम का एक पुत्र था।लोखंडे जी को भारत में…
-
पी.के.रोज़ी जी (राजम्मा, रोसम्मा, राजम्मल) (10 फरवरी, 1903 – ….1988)
आपको स्मरण करा दें कि ‘गूगल’ ने वर्ष 2023 (10 फरवरी, 2023) को मलयालम सिनेमा की पहली और पहली बहुजन अभिनेत्री “पी. के. रोज़ी” की 120वीं जयंती पर एक डूडल समर्पित किया था। इस डूडल को गुलाब के फूलों और फिल्म की रील से सजाया गया था।नंदनकोड त्रिवेंद्रम (केरल के तिरुवनंतपुरम) में आज ही के दिन 10…