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महामना ज्योतिराव गोविंदराव फुले जी(11 अप्रैल, 1827-28 नवंबर, 1890)
महान वह नहीं होते, जो धारा के विपरीत बहते हैं। वास्तव में महान वह होते हैं, जो धारा को अपने हिसाब से मोड़ लेते हैं। वह भले ही शुरू में अकेले होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे उनके साथ पूरा कारवां बन जाता है। फिर वह जहां से भी गुजरते हैं, वहां उनके पैरों के निशान बन…
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11 अप्रैल, 1947 को आज ही के दिन हिंदू कोड बिल पुनः संविधान सभा में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी द्वारा पेश किया गया था।
“मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति से मापता हूं।” – डाॅo बीoआरoआंबेडकर 11 अप्रैल, 1947 को बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी ने संविधान सभा में हिंदू कोड बिल को फिर से पेश किया था। यह बिल पहले 01 अगस्त, 1946 को संसद में पेश किया गया था, किंतु इस पर…
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बहुजन
“तू इधर-उधर की बात न कर, यह बता कि क़ाफ़िला लुटा क्यूं,मुझे रहज़नों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है।” ====≈==========≈=========● क्या हम बहुजन अपनी आमदनी का या अपनी योग्यता (जिस किसी भी क्षेत्र के हम टैलेंटेड हैं)का या अपने समय या आय का पांच प्रतिशत ही अपने समाज को वापस लौटा रहे हैं?…
