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तिलका माँझी (जबरा पहाड़िया) (11 फरवरी, 1750 – 13 जनवरी, 1785)
तिलका मांझी जी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी थे। बिहार के घने जंगलों में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सर्वप्रथम तिलका मांझी ने जंग छेड़ी थी। यह 1857 की क्रांति से लगभग 80 साल और पुरानी बात है, इसीलिए वास्तविक रूप में तिलका मांझी जी को भारत का प्रथम स्वतन्त्रता सेनानी माना जाता है।…
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सन्तराम बी.ए. (14 फरवरी, 1887 – 31 मई,1988)
बाबा साहब ने “जातिभेद का बीजनाश”(Annihilation of Caste) जैसा वास्तविक व प्रसिद्ध लेख जिनके निमंत्रण पर लिखा था, उन मशहूर सामाजिक हस्ती का नाम था-सन्तराम बी.ए.। वर्ष 1936 में संतराम बी ए जी ने ‘जात-पात तोड़क मंडल’ की सभा की अध्यक्षता के लिए बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी को आमंत्रित किया था और बाबा साहब ने जाति विषयक शोधपूर्ण…
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माता भीमाबाई सकपाल जी (14 फरवरी, 1854 -20 दिसम्बर, 1896)
जिनका बेटा “विश्वरत्न” है।माता भीमाबाई जी के पिता सूबेदार मेजर धर्मा जी मुरबाड़कर थाने जिले के मुरबाड़ नामक स्थान के रहने वाले थे। उनका परिवार आर्थिक दृष्टि से सुसंपन्न था। धर्मा मुरबाड़कर अपनी युवा होती बेटी भीमाबाई के विवाह को लेकर चिंतित थे। वह अपनी बेटी के लिये सुयोग्य वर की तलाश में थे। संयोगवश…
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वीरांगना फूलन देवी की-धम्म दीक्षा (15 फरवरी, 1995)
अत्याचार, अमानवीयता व शोषण के विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद करने वाली, सामाजिक न्याय की अप्रतिम योद्धा, निडरता, स्वाभिमान एवं संघर्ष की मिसाल वीरांगना फूलन देवी जी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्म तिथि अर्थात् माघी पूर्णिमा के दिन और जहाँ पर बाबा साहब ने बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी, ठीक उसी स्थान…
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जननायक कर्पूरी ठाकुर जी (24 जनवरी, 1924 – 17 फरवरी, 1988)
भारत के स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक, समतावादी, सामाजिक न्याय के प्रबल पैरोकार, कुशल राजनीतिज्ञ तथा बिहार राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रहे जन-नायक कर्पूरी ठाकुर जी का जन्म भारत के बिहार प्रदेश में ब्रिटिश शासन काल के दौरान 24 जनवरी, 1924 को समस्तीपुर के एक गांव पितौंझिया, जिसे अब कर्पूरीग्राम कहा जाता है, में बहुजन समाज की एक पिछङी जाति(नाई…
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क्रांतिगुरु-लहूजी राघोजी साल्वे -(ज्योतिबा फुले जी के गुरू) (14 नवंबर, 1794-17 फरवरी, 1881)
वर्ष 1848 में राष्ट्र शिक्षिका सावित्रीबाई फूले जी का पहला बालिका स्कूल लहूजी के संरक्षण में ही खोला गया था। महामना ज्योतिबा फुले जी के गुरु-उस्ताद लहूजी ने ही उन्हें अपने अखाड़े में प्रशिक्षित पहलवान बनाया था। वर्ष 1848 में उस्ताद लहूजी सालवे जी के अखाड़े में ही भारत की पहली महिला शिक्षिका राष्ट्र माता सावित्रीबाई…
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भाग्य रेड्डी वर्मा जी (22 मई, 1888 – 18 फरवरी, 1939)
एक राजनीतिक व्यक्तित्व, महान समाज सुधारक व शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, हैदराबाद राज्य में अस्पृश्यता एवं सामाजिक अन्याय के विरुद्ध प्रबल लड़ाई लड़ने वाले, जोगिनी तथा देवदासी प्रथा के उन्मूलन के लिए अथक संघर्ष करने वाले, आंध्र प्रदेश में बहुजन आंदोलन के प्रणेता व महामना जोतिबाराव फूले जी से प्रेरित भाग्य रेड्डी वर्मा जी का जन्म दिनांक 22 मई, 1888 को…
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छत्रपति शिवाजी भोसले महाराज (19 फरवरी, 1630-03 अप्रैल, 1680)
सर्वजन संरक्षक, लोकनायक, कुल-भूषण, भारत के महान समताप्रिय शासक, छत्रपति शिवाजी महाराज जी का 19 फरवरी, 1630 को जन्म दिवस है, जिन्होंने मध्यकाल के भारत में सबसे न्यायप्रिय शासन की स्थापना की थी। छत्रपति शिवाजी महाराज जी का जन्म 19 फरवरी, 1630 को, महाराष्ट्र के शिवनेरी-दुर्ग में मराठा-कुणबी किसान जाति, जिन्हें उत्तर भारत मे॔ कुर्मी-पटेल कहा…
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‘भारत का संविधान’ का मसौदा प्रस्तुत (21 फरवरी, 1948)
बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर जी ने संविधान सभा को भारत का संविधान (Constituion of India) का प्रारूप/मसौदा सौंपा था। 21 फरवरी, 1948 को संशोधित मसौदा जारी किया गया, जिसके आधार पर संविधान सभा को अपना कार्य आगे बढ़ाना था। संविधान सभा ने कई समितियों, उप समितियों और अस्थाई समितियों का गठन किया। एक समिति में…
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“तू इधर-उधर की बात न कर, यह बता कि क़ाफ़िला लुटा क्यूं, मुझे रहज़नों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है।”
● क्या हम बहुजन अपनी आमदनी का या अपनी योग्यता (जिस किसी भी क्षेत्र के हम टैलेंटेड हैं)का या अपने समय या आय का पांच प्रतिशत ही अपने समाज को वापस लौटा रहे हैं? या इसे करने में हमें अब तक किन कथित जातिवादियों ने रोंक रखा है? या हम अभी भी किसी से भयभीत…