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बाबू मंगूराम मुगोवालिया जी (14 जनवरी, 1886 – 22 अप्रैल, 1980)
“आद-धर्म आंदोलन” के संस्थापक बाबू मंगूराम मुगोवालिया जी का आज जन्म दिवस है। बाबू मंगूराम जी का जन्म आज ही के दिन 14 जनवरी, 1886 को होशियारपुर जिले के मुगोवाल नामक गांव में चमड़े का व्यवसाय करने वाले एक बहुजन परिवार में हुआ था। उनके पिताजी उन्हें पढ़ाना-लिखाना चाहते थे, ताकि वह अंग्रेजी में लिखे…
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माउंटेन मैन-दशरथ मांझी (14 जनवरी,1929-17 अगस्त, 2007)
भारत के बिहार प्रदेश में गया जनपद के गहलौर गांव की सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछङी मुसहर जाति में आज ही के दिन 14 जनवरी, 1929 को जन्में दशरथ मांझी जी ने केवल हथौड़ा और छेनी से 25 फुट ऊँचे और दुर्गम पहाड़ को काटकर 30 फुट चौड़ी तथा 360 फुट लंबी, जनसामान्य के…
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सर अलेक्ज़ैंडर कनिंघम (23 जनवरी, 1814 -18 नवंबर, 1893)
भारत की प्राचीन विस्मृत बौद्ध इतिहास के विषय में सारगर्भित ऐतिहासिक साक्ष्ययुक्त प्रमाणिक जानकारी दुनिया के सामने खोलकर रख देने वाले सर अलेक्जेंडर कनिंघम का जन्म आज ही के दिन 23 जनवरी, 1814 को लंदन में हुआ था। वह ब्रिटिश सेना के बंगाल इंजीनियर ग्रुप में इंजीनियर थे, जो बाद में भारतीय पुरातत्व, ऐतिहासिक भूगोल तथा इतिहास के प्रसिद्ध विद्वान् के रूप में…
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माउंटेन मैन-दशरथ मांझी (14 जनवरी,1929-17 अगस्त, 2007)
भारत के बिहार प्रदेश में गया जनपद के गहलौर गांव की सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछङी मुसहर जाति में 14 जनवरी, 1929 को जन्में दशरथ मांझी जी ने केवल हथौड़ा और छेनी से 25 फुट ऊँचे और दुर्गम पहाड़ को काटकर 30 फुट चौड़ी तथा 360 फुट लंबी, जनसामान्य के आवागमन हेतु सड़क बना…
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https://g.co/kgs/2dA5Pwc 🔆क्या आप जानते हैं?🔆 तथागत बुद्ध, मगहर और संत कबीर कैसे आपस में जुङे थे, आज के संत कबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा कस्बे का यह “धर्मसिंहवा बौद्ध स्तूप” आज भी इसकी गवाही दे रहा है। कभी यहां बौद्ध भिक्खु भारी संख्या में संघस्वरूप यहां बैठक किया करते थे। धम्म संघ की बैठक के कारण…
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लोक कल्याणकारी दिवस
“धन्य हैं वह महान विभूतियां, जो यह सोंचती हैं कि जिस समाज एवं राष्ट्र में मेंरा जन्म हुआ है, उसका कल्याण करना हमारा प्रथम दायित्व है”आज विश्व की दो ऐसी महान् विभूतियों का जन्मदिन है, जिनका लक्ष्य व्यक्तिगत न होकर सर्वजनहिताय तथा लोकोपकार पर आधारित है। अमेरिका के जॉर्जिया प्रान्त के अटलांटा में आज ही…
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महादेव गोविन्द “रानाडे” (18 जनवरी, 1842-16 जनवरी, 1901)
भारत के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी, समाज सुधारक, विद्वान और न्यायविद महादेव गोविंद रानाडे ने उस समय की सामाजिक परिस्थितियों में समाज सुधार के कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। उनका जन्म निंफाड़ में आज ही के दिन 18 जनवरी, 1842 को एक कट्टर चितपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था। आरम्भिक काल उन्होंने कोल्हापुर में बिताया, जहां उनके पिता मंत्री थे।…
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अब्दुल कय्यूम अंसारी जी (01 जुलाई, 1905-18 जनवरी, 1973)
जब पसमांदा समाज के लोगों की राजनीतिक भागीदारी का सवाल सामने आता है तो जेहन में अब्दुल क़य्यूम अंसारी का नाम सबसे पहले आता है। बिहार के डेहरी-ऑन-सोन में दिनांक 01 जुलाई, 1905 में जन्में अब्दुल क़य्यूम अंसारी जी ने जब समाज को नजदीक से देखना चाहा तो उस वक़्त समाज, अंग्रेजों और जातीय आकाओं…
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पूर्व राज्यपाल डॉ.माता प्रसाद जी (11 अक्टूबर, 1925 – 20 जनवरी, 2021)
लोकगीतों में वेदना और विद्रोह के स्वर, हिंदी साहित्य में दलित काव्य धारा, भारत में दलित जागरण और उसके अग्रदूत, भारत में सामाजिक परिवर्तन के प्रेरणास्रोत (भाग-1), भारत में सामाजिक क्रांति के प्रेरणास्रोत (भाग-2), उत्तरांचल व उत्तर प्रदेश की दलित जातियों का दस्तावेज, दलित साहित्य में प्रमुख विधाएं, अन्तहीन बेड़ियां, स्वतंत्रता के बाद लखनऊ की,…