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शिक्षा का अधिकार
अगर देश में आप के लिए शिक्षा का अधिकार दोबारा स्थापित नहीं किया जाता तो क्या हमें पता चल पाता कि जब स्वतंत्रता के लिए मंगल पांडे जी लड़ रहे थे, तो मातादीन जी भी लड़ रहे थे। जब दयानंद सरस्वती जी आर्य समाज की स्थापना कर रहे थे, तो उनसे पहले ही सत्यशोधक समाज…
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1 जनवरी (शौर्य दिवस एवं नव वर्ष 2024)
01 जनवरी पर शौर्य दिवस(भीमा-कोरेगांव) एवं नव वर्ष 2024 के सुअवसर पर “हम भारत के लोगों” के जीवन-आधार अर्थात तथागत बुद्ध एवं बाबा साहब सहित भारत का संविधान एवं बहुजन महापुरूषों तथा 500 बहुजन शौर्यवीरों की वीरता को, बोधिसत्व बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर प्रेरणा स्थल पर कृतज्ञतापूर्ण नमन करते हुए विश्व कल्याण हेतु मंगल कामनाएं…
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राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फूले जी (03 जनवरी, 1831-10 मार्च, 1897)
भारत में महिलाओं की औपचारिक शिक्षा की जननी राष्ट्रमाता सावित्री बाई फूले जी का जन्म आज ही के दिन 03 जनवरी, 1831 को नायगांव में (माली जाति) बहुजन समाज में हुआ था। जब वह नौ वर्ष की अल्पायु में थीं, तभी उनका विवाह तेरह वर्षीय क्रांतिज्योति ज्योतिबा राव फूले जी के साथ हो गया था। ज्योतिबा…
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डॉ. भदन्त आनन्द कौसल्यायन जी (05 जनवरी, 1905 – 22 जून, 1988)
एक बार बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी से भदन्त आनन्द कौसल्यायन जी ने पूछा-बाबा साहब आपको तथागत भगवान बुद्ध की कौन सी मुद्रा पसंद है? “मुझे चलते हुए बुद्ध पसंद हैं”-बाबा साहब ने यह कहा। भदन्त आनन्द कौसल्यायन ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए बोले-“परंतु बाबा साहब, भगवान बुद्ध की ऐसी तो कोई मुद्रा है…
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सामाजिक परिवर्तक संत शिरोमणि चोखामेला जी (1300-1400)
महाराष्ट्र(महारों का राष्ट्र) के श्रमण विचारक, संत शिरोमणि चोखामेला जी का जन्म दिनांक 04 जनवरी, 1300 को महार राष्ट्र की महार जाति में मेहुनाराजा नामक गाँव में हुआ था, जो जिला बुल्ढाना की दियोलगावं राजा तहसील में आता है। पहले संत चोखामेला पंढरपुर में रह रहे थे, परंतु संत नामदेव के कार्य व्यवहार संत चोखामेला को पंढरपुर…
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विश्व बौद्ध धम्म ध्वज दिवस (08 जनवरी, 1880)
दिनांक 08 जनवरी (1880) बौद्ध जगत में विशेष महत्व का दिन है, क्योंकि इसी दिन “धम्म ध्वज” की स्थापना हुई थी। यह धम्म ध्वज सम्पूर्ण विश्व को शांति, प्रगति, मानवतावाद और समाज कल्याण की सदैव प्रेरणा देता है। इस धम्म ध्वज में पांच रंग-नीला, पीला, लाल, सफेद और नारंगी हैं, जिनका अपना अर्थ और भाव…
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माता फातिमा शेख जी (09 जनवरी 1831 – 09 अक्तूबर 1900)
माता फातिमा शेख जी (Fatima Sheikh) का जन्म आज ही के दिन 09 जनवरी, 1831 में पुणे में हुआ था। वह अपने भाई उस्मान शेख के साथ रहतीं थी और समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों को शिक्षित करने के लिए महामना ज्योतिबा राव फुले जी पत्नी सावित्रीबाई बाई फुले जी का कदम-कदम पर साथ…
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दीनबंधु सर छोटूराम जी (24 नवंबर, 1881-09 जनवरी, 1945)
दीनबंधु सर छोटूराम जी दहेज प्रथा, बाल विवाह, बहु विवाह, सांप्रदायिकता, अंधविश्वास, निरक्षरता, छुआछूत व जाति भेदभाव के खिलाफ थे। वह लैंगिक न्याय, समानता और पुनर्विवाह के कट्टर समर्थक थे। सर छोटूराम ने आज से 100 वर्ष पहले ऐसी सामाजिक व आर्थिक व्यवस्था की कल्पना की थी कि गांव व शहर के आर्थिक अंतर कम…
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तिलका माँझी (जबरा पहाड़िया) (11 फरवरी, 1750 – 13 जनवरी, 1785)
तिलका मांझी जी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी थे। बिहार के घने जंगलों में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सर्वप्रथम तिलका मांझी ने जंग छेड़ी थी। 1857 की क्रांति से लगभग 80 साल पुरानी यह बात है, इसीलिए, वास्तव में तिलका मांझी जी को भारत का प्रथम स्वतन्त्रता सेनानी माना जाता है। तिलका मांझी…