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बहुजन नायक मान्यवर साहब कांशीराम जी(15 मार्च, 1934 – 09 अक्टूबर, 2006)
समाज में कोई व्यक्ति अकेला न मरे, सभी अपना उत्तराधिकारी या अपने जैसी बहुजन विचारधारा वाला कम से कम एक व्यक्तित्व जरूर तैयार करें…मैं अकेला ही चला था जानने मंजिल, लोग जुङते गये और कारवां बनता गया…. मान्यवर साहब कांशीराम जी🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब का जन्म आज ही के दिन 15 मार्च, 1934 को…
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आज ही के दिन 18 मार्च, 1956 को बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी ने बहुजन समाज के सभी जिम्मेदार लोगों को आगरा के रामलीला मैदान में सम्बोधित किया था। उस ऐतिहासिक भाषण के कुछ अंश आज के दिन आप भी पढ़िए और बाबा साहब के सपनों को पूरा करने के लिए आज से ही प्रतिज्ञान करें🙏 आगरा18मार्च, 1956
जन समूह से बाबा साहब ने आह्वान किया था पिछले तीस वर्षों से तुम लोगों को राजनैतिक अधिकार के लिये मै संघर्ष कर रहा हूँ। मैने तुम्हें संसद और राज्यों की विधान सभाओं में सीटों का आरक्षण दिलवाया। मैंने तुम्हारे बच्चों की शिक्षा के लिये उचित प्रावधान करवाये। आज, हम प्रगति कर सकते हैं। अब…
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कुछ उजाले कम भले हों, दीप तो जलते रहें। मंजिलों से फासले हों, किंतु हम चलते रहें।।
अगर हम बोल नही सकते, तो समाज के लिए तार्किक और निर्विवाद तरीके से ज्वलंत सामाजिक समस्याओं और उनके हल, पे-बैक टू सोसाइटी, बहुजन महापुरुषों व उनके विचारों, अन्तर्जातीय विवाह, भारत का संविधान और उनके अनुच्छेदों पर लिखना सीखें। अगर लिख नही सकते तो, जो प्रबुद्ध साथी समाज के लिए बोल रहे हैं-लिख रहे हैं-कुछ…
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महाड़ सत्याग्रह – पानी पीने का संघर्ष(20 मार्च, 1927)
जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं-रोटी, कपड़ा और मकान तो छोड़िए, हम अपने जीवन में जब-जब, किसी भी जगह-कहीं भी पानी की एक घूंट भी पीते हैं, तो हमें बाबा साहब के 20 मार्च, 1927 का संघर्ष (महाड़ सत्याग्रहपानी पीने का संघर्ष) याद आ जाता है। क्या आपको भी जीवन की हर श्वांस में बाबा साहब नजर…
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वीरांगना अवंतीबाई लोधी जी
भारत के स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली, बहुजन वीरांगना, भारत-भूमि एवं स्वाभिमान की रक्षा हेतु प्राणों की आहुति देने वाली, साहस व शौर्य की प्रतिमूर्ति वीरांगना अवंतीबाई लोधी जी के शहादत दिवस (20 मार्च) पर कृतज्ञतापूर्ण नमन💐🙏
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मारंग गोमके-जयपाल सिंह मुंडा(03 जनवरी, 1903 – 20 मार्च, 1970)
महान आदिवासी नेता, झारखंड आंदोलन को बेहतर नेतृत्व देने वाले, शिक्षाविद और हॉकी के अभूतपूर्व खिलाड़ी रहे “मारंग गोमके” जयपाल सिंह मुंडा जी का जन्म झारखंड (वर्ष 2000 के पूर्व बिहार) की राजधानी रांची से करीब 18 किलोमीटर दक्षिण, खूंटी जिले के टकरा, पाहनटोली गांव में 03 जनवरी, 1903 को हुआ था। जयपाल सिंह मुंडा…
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मनगाँव सम्मेलन-बहिष्कृत वर्ग परिषद(21 मार्च, 1920)
कोल्हापुर जिले में मानगांव सम्मेलन 21-22 मार्च, 1920 को आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में महान लोकतंत्रवादी और समाज सुधारक, कोल्हापुर रियासत के छत्रपति शाहू महाराज, जो ने डॉ. बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर को “भारत में उत्पीड़ित वर्गों का सच्चा नेता” घोषित किया था। डॉ. आम्बेडकर ने इस सम्मेलन की अध्यक्षता की थी, जबकि…
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महान क्रांतिवीर व विचारक भगत सिंह जी(28 सितम्बर, 1907 – 23 मार्च, 1931)
सरदार भगत सिंह जी का जन्म 28 सितंबर, 1907 को लायलपुर, पंजाब में एक सिख- जाट परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम सरदार किशन सिंह जी और माताजी का नाम विद्यावती कौर था। यह एक किसान परिवार से थे। अगर यह कहा जाए कि देशभक्ति उन्हें विरासत में मिली थी, तो गलत नही होगा। जिस दिन उनका जन्म हुआ था,…
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भारत रत्न सम्मान(31 मार्च, 1990)
मा. साहब कांशीराम जी के अथक प्रयासों के बाद, बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी को आज ही के दिन 31 मार्च, 1990 को भारत सरकार द्वारा भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करके देश और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को नमन किया गया।आज 31 मार्च को भारत का…