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“भारतीय रिज़र्व बैंक” की स्थापना(01 अप्रैल, 1935)
भारत में RBI अर्थात रिज़र्व बैंक आफ इण्डिया (भारतीय रिज़र्व बैंक) की स्थापना बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की प्रसिद्ध किताब ‘द प्रॉब्लम ऑफ रुपी-इट्स ऑरिज़न एंड इट्स सॉल्यूशन’ के आधार पर की गई है। भारतीय रुपये और आर्थिक इतिहास पर लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स से पहली पीएच.डी. करने वाले डॉ. आंबेडकर ने…
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बहुजन शौर्य दिवस(02 अप्रैल, 2018)
अपने संवैधानिक अधिकारों व स्वाभिमान की रक्षा हेतु 02 अप्रैल, 2018 के अभूतपूर्व बहुजन आंदोलन के दौरान अपनी शहादत देने वाले बहुजन-सपूतों को विनम्र आदरांजलि एवं कृतज्ञतापूर्ण नमन💐🙏
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गेल ऑम्वेट(02 अगस्त, 1941-25 अगस्त, 2021)
02 अगस्त, 1941 को अमरीका के मिनियापोलिस प्रांत में जन्मीं प्रसिद्ध समाजशास्त्री गेल ऑम्वेट, जिन्होंने भारत को अपना कार्य क्षेत्र बनाया और 70 के दशक में फुले-आंबेडकर की क्षीण होती विचारधारा को पुर्नजीवित किया, एक कुशल अध्येता, शोधकर्ता और प्रखर मानवतावादी सामाजिक लेखिका थीं। उनके अध्ययन के केंद्र में हाशिए पर पड़ा बहुजन समाज व…
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छत्रपति शिवाजी भोसले महाराज(19 फरवरी, 1630-03 अप्रैल, 1680)
सर्वजन संरक्षक, लोकनायक, कुल-भूषण, भारत के महान समताप्रिय शासक, छत्रपति शिवाजी महाराज जी का आज स्मृति दिवस है, जिन्होंने मध्यकाल के भारत में सबसे न्यायप्रिय शासन की स्थापना की थी। छत्रपति शिवाजी महाराज जी का जन्म 19 फरवरी, 1630 को, महाराष्ट्र के शिवनेरी-दुर्ग में मराठा-कुणबी किसान जाति, जिन्हें उत्तर भारत मे॔ कुर्मी-पटेल कहा जाता है, परिवार…
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बहिष्कृत भारत – पत्रिका(03 अप्रैल, 1927)
बहिष्कृत भारत – पत्रिका(03 अप्रैल, 1927)🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 ‘बहिष्कृत-भारत’ : गैरबराबरी और पाखंडवाद को आंबेडकर की निर्णायक चुनौती✍🏾बाबा साहब डाॅo भीमराव आंबेडकर_ ने आज ही के दिन 03 अप्रैल, 1927 को मराठी पाक्षिक ‘बहिष्कृत भारत’ का पहला अंक प्रकाशन प्रारंभ किया। इसके जरिए उन्होंने “पाखंडवाद व गैर बराबरी” को निर्णायक चुनौती दी थी। बाद में “मूकनायक” का…
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माता रमाबाई व बाबा साहब का विवाह(04 अप्रैल, 1906)
महान पुरुषों के पीछे उनकी जीवन-संगिनी का भी बहुत बड़ा हाथ होता है। जीवन साथी का त्याग और सहयोग अगर न हो, तो व्यक्ति का महापुरुष बनना इतना आसान नहीं रह जाता है। माता रमाबाई अम्बेडकर जी इसी त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति थीं, जिनके कारण ही बाबा साहब देश के वंचित तबके का उद्धार…
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महाबली बाबा चौहरमल(04 अप्रैल, 1313 – 01 नवंबर, 1433)
महाबली बाबा चौहरमल जी का जन्म बिहार में मोकामा अंचल क्षेत्र, जो प्राचीन काल में मगध के नाम से जाना जाता था, के मोकामा ताल के शंकरवाड़ टोला में बहुजन समाज (दुसाध ज़ाति) के एक किसान परिवार में आज ही के दिन 04 अप्रैल, 1313 को चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था। आपके पिताजी का…
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वीरांगना झलकारी बाई (22 नवंबर, 1830 – 04 अप्रैल, 1857)
बहुजन वीरांगना झलकारी बाई जी का जन्म 22 नवम्बर, 1830 को झांसी के पास के भोजला नामक गाँव में एक निर्धन बहुजन कोली परिवार में हुआ था। वह न रानी थी और न पटरानी। न वह किसी सामन्त की बेटी थी और न किसी जागीरदार की पत्नी। 22, नवम्बर, 1830 को वह तो भोजला गाँव के एक…
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बाबू जगजीवन राम(05 अप्रैल, 1908 –06 जुलाई, 1986)
बाबू जगजीवन राम जी का जन्म आज ही के दिन 05 अप्रैल, 1908 को बिहार के चंदवा नामक गांव में बहुजन परिवार में हुआ था। उनकी माताजी का नाम वासन्ती देवी और पिताजी का नाम संत शोभी राम था। वह आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। छः वर्ष की आयु में ही पिताजी का साया…
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बाबा साहब का आगामी जन्मोत्सव(14 अप्रैल, 2024 )
आज भारत में फूले-शाहू-आंबेडकरी वैचारिकी सतत आगे बढ़ रही है और इस कङी में प्रतिवर्ष हर्षोल्लास से मनाया जाने वाला 14 अप्रैल हम बहुजन के बीच एक प्रेरक उत्सव के रूप में प्रासंगिक होता जा रहा है। पूरे विश्व में सबसे बृहद स्तर पर मनायी जाने वाली एकमात्र जन्म जयंती बाबा साहब की ही है।…